दोस्तों अगर आप
क्लास 12 पास करने के बाद कोई
अच्छी जॉब की तलाश में हैं तो आपको इन
5 कोर्स में से किसी एक को तो कर लेना चाहिए जिसके
बहुत सारे फायदे हैं।
1. आईटीआई (ITI) :- जिस का फुल फॉर्म होता है
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था इस कोर्स को करने से आपको आसानी से जॉब पाने के चांसेस ज्यादा है इस कोर्स में प्राइवेट और सरकारी सभी प्रकार की वैकेंसी निकाली जाती हैं साल में लाखों वैकेंसी आई इस कोर्स पर निकाली जाती है इस कोर्स के अंदर पांच ट्रेड ऐसी हैं जो कि बहुत ज्यादा ही फेमस हैं।
1. इलेक्ट्रिशियन
2. फिटर
3. कारपेंटर
4. प्लंबर
5. बाउंड्री मैन
यह पांच ऐसी ट्रेड हैं जिनमें बहुत सारी वेकेंसियां निकाली जाती हैं साल में लाखों वैकेंसी आई ट्रेड में निकाली जाती है तो अगर आप किसी अच्छे कोर्स की तलाश में हैं तो आप आईटीआई के इन पांचों ट्रेड में से अपनी रुचि के ट्रेड में एडमिशन अवश्य लें
2. आईआईटी (IIT) :- IIT की फुल फॉर्म Indian Institute of Technology है। हिंदी में इसे ‘भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान’ कहते है।
IIT न सिर्फ भारत के बल्कि दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है। इन संस्थानों के माध्यम से देशभर के कई उच्च स्तरीय वैज्ञानिक, रिसर्चर, टेक्नोलॉजिस्ट और इंजीनियर निकलते है।
आईआईटी करने के फायदे
यह देश के सबसे बड़े संस्थान है तो इनमें high quality की education मिलती है यानि इंजीनियरिंग करने या अन्य किसी कोर्स के लिए best resources है।
इन संस्थानों में best professors पढ़ाते है जो अपने क्षेत्र के जाने माने नाम होते है
IITs में देश के सबसे brilliant minds होते है।
IITs में पढ़ने वाले छात्रों को financial help के रूप में scholarships भी मिलती है
Internships के लिए दुनिया की जानी मानी यूनिवर्सिटीज में जाने का मौका मिलता है
पढाई के अलावा extra activities भी खूब होती है
इसके अलावा सबसे बड़ी बात यह भी है कि आईआईटी में जाने के बाद लोग आपको जानने लगते है और आपकी इज्जत बढ़ जाती है।
3. एमबीए (MBA) :- एमबीए या मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन दो साल का डिग्री प्रोग्राम है, जो वास्तविक दुनिया के मुद्दों के आधार पर विभिन्न सामान्य प्रबंधन और व्यावसायिक प्रथाओं से संबंधित है।
रोजगार क्षेत्र
इससे पहले कि कोई उम्मीदवार एमबीए करने का फैसला करे, यह आवश्यक है कि वे कार्यक्रम के दायरे और इसके द्वारा प्रदान किए जाने वाले विभिन्न लाभों को अच्छी तरह से समझें। विभिन्न डोमेन के कई उम्मीदवार अपने करियर को बढ़ावा देने के लिए एमबीए प्रोग्राम लेने की योजना बनाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक सफल करियर के लिए एमबीए की डिग्री होना बहुत जरूरी है। उद्योग में एमबीए की अच्छी-खासी सैलरी के साथ एमबीए जॉब्स की भरमार है।
4. बी फार्मा (B Pharma) :- Bachelor of Pharmacy होता है. और हिंदी में फार्मेसी के स्नातक कहते है, यह मेडिकल के कैरियर के अंतर्गत ही आता है।
चलिए पहले जानते हैं pharmacy kya hai, फार्मेसी का संबंध दवाई ड्रग्स इत्यादि से है, फार्मेसी का मतलब की दवाई कैसे देनी चाहिए कौन सी दवाई कब लेनी चाहिए , कौन कौन सा टेस्ट कराना चाहिए इत्यादि।
बी फार्मा करने के फायदे (Benefits of doing B Pharma in Hindi)
दोस्तों B parma करने के लिए बहुत सारा फायदा है जिसे आपको जानना बहुत जरूर है और जब आप इसके बारे में जान जाओगे तो आपको इस कोर्स को करने में बहुत माज़ा भी आएगा और आपको अच्छा भी लगेगा। बी फार्मा करने के निम्नांकित फायदे है:-
सरकारी या गैर सरकारी सभी प्रकार की जॉब कर सकते हैं
अगर आप खुद का मेडिकल स्टोर खोलना चाहे तो उसके लिए आपको लाइसेंस मिलता है
आप फार्मासिस्ट के तौर पर किसी कॉलेज में काम कर सकते हैं।
आपके एक बी फार्मा के टीचर भी बन सकते हैं।
आप विभिन्न भागों में काम कर सकते हैं जैसे रिसर्च एजेंसी हेल्थ सेंटर मेडिकल स्टोर मेडिसिन कंपनी इत्यादि।
5. डी फार्मा (D Pharma) :-डी फार्मा एक डिप्लोमा कोर्स है। जिसमें दवाइयों के निर्माण, संग्रहण और प्रयोग से संबंधित शिक्षा प्रदान की जाती है। यह कोर्स 2 वर्षों का होता है। इसे विज्ञान विषयों से 12वीं करने के पश्चात किया जा सकता है।
D Pharma Full Form i:- दवासाजी में डिप्लोमा होता है। वैसे आम बोलचाल की भाषा में इस शब्द का प्रयोग नहीं किया जाता है। ज्यादातर हिंदी में इसे फार्मेसी डिप्लोमा ही कहा जाता है।
D Pharma Course को करने का सबसे बड़ा फायदा तो यह होता है, कि आपको दवाइयों से संबंधित हर प्रकार की जानकारी हो जाती है। जिसमें आपको पता होता है कि किस दवाई का सेवन कितने मात्रा में किया जा सकता है।
इसकी जानकारी ना होने पर कई बार देखा गया है, कि मरीज गलत दवाई का सेवन या गलत मात्रा में सेवन करने से अपनी सेहत में सुधार करने की बजाए हानि कर बैठते हैं।
डी फार्मा करने के फायदे और भी बहुत सारे हैं। उन सभी का विवरण नीचे दिया गया है।
फार्मेसी के क्षेत्र में यह सबसे कम अवधि का कोर्स होता है। इस कोर्स में कुल 2 वर्ष का समय लगता है। जो अन्य कोर्स के मुकाबले कम होता है।
कम अवधि का कोर्स होने के कारण इस कोर्स में लागत भी बहुत कम आती है।
यह एक जॉब ओरिएंटेड कोर्स होता है। जिसको करने के पश्चात नौकरी के अधिक अवसर मिलते हैं।
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